दाम्पत्य परामर्शMarriage / Couple Counselling
हर रिश्ते में उतार-चढ़ाव आते हैं। पर जब छोटी बातें बड़े झगड़े बनने लगें, बातचीत बंद हो जाए या मन में दूरी आने लगे, तब रिश्ता थोड़ा सहारा माँगता है।
दाम्पत्य परामर्श में पति और पत्नी, दोनों की बात बराबर सम्मान से सुनी जाती है — किसी का पक्ष नहीं लिया जाता। उद्देश्य है एक-दूसरे को फिर से समझना, बात करने का सही तरीका सीखना और मिलकर आगे का रास्ता चुनना।
आप दोनों साथ आ सकते हैं, या पहले कोई एक अकेले भी बात कर सकता है। विवाह से पहले के प्रश्नों और शंकाओं के लिए भी मार्गदर्शन मिलता है।
किन बातों में मदद मिलती है
- बार-बार होने वाले झगड़ेFrequent conflicts
- बातचीत की कमी, मन की बात न कह पानाCommunication
- भरोसे में कमी या शकTrust issues
- भावनात्मक दूरीEmotional distance
- ससुराल और परिवार से जुड़ा तनावIn-law stress
- बच्चों के पालन-पोषण पर मतभेदParenting differences
- पैसे और ज़िम्मेदारियों को लेकर तनावMoney & responsibilities
- विवाह से पहले का मार्गदर्शनPre-marital guidance
सत्र कैसे होते हैं
एक सत्र 60 मिनट का होता है — इचलकरंजी केंद्र पर प्रत्यक्ष भेंट से या ऑनलाइन (WhatsApp Video, Google Meet, Zoom)।
दोनों की बात
पहले दोनों की बात सुनी जाती है — आवश्यकता हो तो अलग-अलग भी, ताकि हर कोई खुलकर कह सके।
मूल कारण समझना
झगड़े की सतह के नीचे छिपी अपेक्षाएँ, दुःख और आदतें साथ मिलकर पहचानी जाती हैं।
बात करने के नए तरीके
बिना आरोप लगाए अपनी बात कहना और ध्यान से सुनना — इसका सरल अभ्यास।
मिलकर आगे बढ़ना
छोटे, व्यावहारिक कदम जो आप दोनों घर पर अपना सकें, और समय-समय पर उनकी समीक्षा।
कब परामर्श लें
- हर छोटी बात पर बहस होने लगी है
- कई-कई दिनों तक आपस में बात बंद रहती है
- एक-दूसरे पर भरोसा कम हो गया है
- अलग होने का विचार मन में आने लगा है
- आपसी तनाव बच्चों के सामने दिखने लगा है
- विवाह से पहले मन में कई प्रश्न और डर हैं
आपके मन के सवाल
क्या पति-पत्नी दोनों का आना ज़रूरी है?
दोनों साथ आएँ तो अच्छा है, पर यह ज़रूरी नहीं। कोई एक भी पहले अकेले बात कर सकता है; आगे आवश्यकता के अनुसार दूसरे साथी को भी जोड़ा जा सकता है।
क्या भारतीजी किसी एक का पक्ष लेंगी?
नहीं। दोनों की बात बराबर सम्मान से सुनी जाती है। यहाँ कोई न्याय नहीं सुनाया जाता — उद्देश्य है कि आप दोनों एक-दूसरे को समझ सकें।
क्या परामर्श से रिश्ता निश्चित रूप से ठीक हो जाएगा?
कोई भी ऐसी गारंटी नहीं दे सकता। परामर्श आपको बात करने का सही तरीका, स्पष्टता और आपसी समझ देता है, ताकि आप दोनों मिलकर सोच-समझकर निर्णय ले सकें।
क्या हमारी बातें परिवार वालों को बताई जाएँगी?
बिल्कुल नहीं। आपकी हर बात गोपनीय रहती है। परिवार के किसी सदस्य को सत्र में जोड़ना हो, तो वह केवल आपकी सहमति से होता है।
अपने मन की बात कहने का पहला कदम उठाइए
आप अकेले नहीं हैं। कोई जल्दबाज़ी नहीं, कोई आलोचना नहीं।
हम ध्यान से सुनने और समझने के लिए यहाँ हैं।
सोमवार – शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे तक
