परिवार हमारी सबसे बड़ी ताकत है। पर एक ही घर में अलग-अलग उम्र, सोच और अपेक्षाओं वाले लोग रहते हैं, इसलिए मतभेद होना स्वाभाविक है। कठिनाई तब होती है जब बातचीत की जगह चुप्पी या कड़वाहट ले ले।

परिवार परामर्श में हर सदस्य की बात सम्मान से सुनी जाती है और किसी को दोषी नहीं ठहराया जाता। उद्देश्य है कि घर के लोग एक-दूसरे का दृष्टिकोण समझ सकें और मिलकर ऐसे रास्ते खोजें जो सबके लिए ठीक हों।

संयुक्त परिवार हो या छोटा परिवार, माता-पिता और किशोर बच्चे हों या तीन पीढ़ियाँ एक साथ — हर परिवार की स्थिति अलग है, और उसी के अनुसार मार्गदर्शन दिया जाता है।

किन बातों में Common Concerns

किन बातों में मदद मिलती है

  • परिवार में बातचीत की कमीFamily communication
  • माता-पिता और किशोर बच्चों में टकरावParenting teenagers
  • पीढ़ियों की सोच में अंतरGeneration gap
  • संयुक्त परिवार में तालमेलJoint family adjustment
  • भाई-बहनों के बीच मतभेदSibling conflicts
  • बच्चों का मोबाइल, पढ़ाई या व्यवहारChildren’s behaviour
  • बुज़ुर्ग माता-पिता की देखभाल का तनावCaring for elders
  • विवाह, स्थानांतरण या किसी अपने के जाने के बाद का बदलावFamily transitions
सत्र की प्रक्रिया How Sessions Work

सत्र कैसे होते हैं

एक सत्र 60 मिनट का होता है — इचलकरंजी केंद्र पर प्रत्यक्ष भेंट से या ऑनलाइन (WhatsApp Video, Google Meet, Zoom)।

  1. पहली बातचीत

    पहले उस सदस्य से बात होती है जिसने संपर्क किया — ताकि पूरी स्थिति समझ में आए।

  2. सबकी बात

    आवश्यकता के अनुसार परिवार के सदस्यों से अलग-अलग या साथ में बात की जाती है।

  3. एक-दूसरे को समझना

    हर सदस्य की ज़रूरत, डर और अपेक्षा सामने आती है — बिना आरोप, बिना दबाव।

  4. घर के लिए साझा रास्ता

    बातचीत के छोटे नियम और व्यावहारिक कदम, जिन पर सब सहमत हों।

संकेत पहचानें When to Seek Counselling

कब परामर्श लें

  • घर में हर बात पर बहस या लंबी चुप्पी रहने लगी है
  • किशोर बच्चे माता-पिता से बात करना बंद कर रहे हैं
  • बड़ों और युवाओं के बीच लगातार अनबन रहती है
  • घर का माहौल भारी लगता है, लोग घर पर रहने से बचते हैं
  • किसी बड़े बदलाव के बाद परिवार में तालमेल नहीं बैठ रहा
  • एक सदस्य की परेशानी का असर पूरे परिवार पर पड़ रहा है
सामान्य प्रश्न FAQ

आपके मन के सवाल

क्या पूरे परिवार का आना ज़रूरी है?

नहीं। शुरुआत कोई एक सदस्य भी कर सकता है। आगे आवश्यकता और सबकी सहमति से बाकी सदस्यों को जोड़ा जाता है।

क्या किशोर बच्चे अकेले बात कर सकते हैं?

हाँ। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता की सहमति आवश्यक है। बच्चे की निजी बातें सम्मान से गोपनीय रखी जाती हैं, जब तक उसकी सुरक्षा का प्रश्न न हो।

क्या आप किसी एक सदस्य को सही या गलत ठहराएँगी?

नहीं। परिवार परामर्श में कोई निर्णय नहीं सुनाया जाता। उद्देश्य है कि सब एक-दूसरे की बात समझें और मिलकर रास्ता चुनें।

संयुक्त परिवार में नई बहू या नए सदस्य के तालमेल में मदद मिलती है?

हाँ। नए सदस्य और परिवार, दोनों की अपेक्षाएँ समझकर धीरे-धीरे सहज होने के व्यावहारिक तरीके साथ मिलकर खोजे जाते हैं।

अपने मन की बात कहने का पहला कदम उठाइए

आप अकेले नहीं हैं। कोई जल्दबाज़ी नहीं, कोई आलोचना नहीं।
हम ध्यान से सुनने और समझने के लिए यहाँ हैं।

सोमवार – शुक्रवार, सुबह 10 से शाम 7 बजे तक