अक्सर झगड़े बड़ी बातों से नहीं, छोटी बातों के न सुने जाने से शुरू होते हैं। जब दोनों केवल अपनी बात साबित करना चाहते हैं, तो संवाद बहस बन जाता है। संवाद सुधारने के पाँच सरल उपाय:

माइंड मैप: संवाद सुधारने के 5 उपायसुनने का समय: बिना टोके पूरी बात। “मैं” से बात: “मुझे बुरा लगा” — “तुम हमेशा…” नहीं। गुस्से में विराम: 20 मिनट बाद फिर बात। पुरानी बातें नहीं: आज की बात आज तक। रोज़ सराहना: छोटा “धन्यवाद” भीसंवाद सुधारनेके 5 उपायसुनने का समयबिना टोके पूरी बात“मैं” से बात“मुझे बुरा लगा” —“तुम हमेशा…” नहींगुस्से में विराम20 मिनट बाद फिर बातपुरानी बातें नहींआज की बात आज तकरोज़ सराहनाछोटा “धन्यवाद” भी

माइंड मैप: संवाद सुधारने के 5 उपाय

  • सुनने का समय
    • बिना टोके पूरी बात
  • “मैं” से बात
    • “मुझे बुरा लगा” — “तुम हमेशा…” नहीं
  • गुस्से में विराम
    • 20 मिनट बाद फिर बात
  • पुरानी बातें नहीं
    • आज की बात आज तक
  • रोज़ सराहना
    • छोटा “धन्यवाद” भी